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कृषि कानूनों के विरोध में भारत बंद का एलान करके किसानों ने सरकार और उसकी नीतियों के खिलाफ एक महायुद्ध छेड़ दिया है। इस महायुद्ध में अपनी भूमिका लगभग हर वर्ग के लोगों ने निभाई है जिसका सबूत है कि भारत बंद का पंजाब और हरियाणा में काफी ज्यादा असर देखने को मिला रहा है।

किसान संगठनों ने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक सड़कें जाम करने का एलान किया हैै। मंडियां भी बंद हैं। वहीं दूसरी ओर सरकारी कार्यालयों में भी कामकाम प्रभावित हुआ। बंद को समर्थन देते हुए पंजाब के करीब 50 हजार कर्मचारी अवकाश पर चले गए हैं। लुधियाना, कैथल और फतेहाबाद समेत कई जगह हाईवे जाम देखे गए जिससे यातायात काफी ज्यादा प्रभावित हुआ और आम नागरिकों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में भी आंदोलन को लोगों का जबरदस्त समर्थन देखने को मिला। सभी जगह काफी मात्र में दुकानें बंद पाई गईं। अगर हरियाणा की बात कर लें तो यहां भी किसानों द्वारा किए गए आह्वान पर लगभग हर सैक्टर या वार्ड के लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। हालांकि जिन दुकानों पर लोगाें की रोज़ मर्रा की जरूरतों का सामान मिलता है केवल वही दुकानें खुली दिखाई दीं ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत न आने पाए और वो अपना जरूरत का सामान ले सकें।

बाद में इन दुकानदारों ने भी किसानों के भारत बंद को सफल बनाने के लिए या यूं कह लें कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए दुकानें बंद कर लीं। हरियाणा में भी बंद को राजनैतिक दलों और कर्मचारी संगठनों ने पूरा समर्थन दिया है। दूध की सप्लाई, पेट्रोल पंप, शराब के ठेके बंद के दौरान भी खुले नजर आए। इसके अलावा हरियाणा में सीएम सिटी कहे जाने वाले करनाल में भारत बंद के दौरान काफी रोष देखा गया। लोगों ने यहां होने वाली मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की रैली की तैयारियों के लिए जो हैलीपैड बनाए थे, कुर्सियां रखी थीं इन सब पर अपना गुस्सा यहां की जनता ने निकाला। जिसका नतीजा ये रहा कि सीएम का प्रोग्राम रद्द करना पड़ा।

पानीपत जिले में भारत बंद का कुछ खास असर सुबह के समय देखने को नहीं मिला। हालांकि पेट्रोलियमम वेलफेयर ऐसोसिएशन ने सुबह 8 बजे से सभी प्राइवेट पेट्रोलपंपों को बंद रखने का दावा किया था। लेकिन करीब 9 बजे तक जीटी रोड और अंदर के पेट्रोल पंप खुले नजर आए। मेडिकल स्टोर और दूध-ब्रेड की दुकानों के साथ ही शराब के ठेके यहां भी खुले मिले। इसके साथ ही रोडवेज़ स्टैंड से दिल्ली बहादुरगढ़ के साथ अन्य स्थानों के लिए बस सेवा जारी रही। उद्योग भी चालू रहे। सड़कों पर रोज़ की तरह कामगारों की भीड़ देखी गई। हांसी में शहर के अंदर से गुजरने वाले हाईवे को कांग्रेसियों और विभिन्न संगठनों ने बंद कर दिया।

पलवल मार्केट में किसान नेता दुकानदारों से 11ः00 से 3ः00 बजे तक दुकान बंद करने के लिए अपील करते नजर आए। अगर बात की जाए तो यहां भारत बंद का प्रभावी असर रहा। जालंधर के ज्यादातर जिम नहीं खुले। इसके अलावा सभी मेन बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। सड़कों पर वाहनों की छुट-पुट आवाजाही दिख रही है। मकसूदां स्थित सब्जी मंडी भी बंद है और उसके गेट पर फ्रूट मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने किसानों के समर्थन में ट्रैक्टर लेकर प्रदर्शन भी किया।

बटाला में शहर के नेहरू गेट इलाके में दवाईयों की दुकानें बंद हैं, लेकिन उसके ठीक सामने जो शराब का ठेका है वो अभी भी खुला हुआ है। चकरी बाजार की सभी दुकानों पर ताला लटका हुआ है। सिटी रोड का बाजार भी पूरा बंद है और लोग अपनी दुकानों के बाहर खड़े हैं। इसके अतिरिक्त सिनेमा रोड का पूरा बाजार भी बंद पड़ा है।

सुक्खा सिंह चौक पर डीएसपी ने पुलिस बल को दिशा निर्देश भी दिए। संगरूर के भवानीगढ़ में सभी बाजार और कारोबार पूरी तरह बंद नजर आए। मेन बाजार में स्थित चार खंभा मार्केट के दुकानदारों ने दुकानें बंद करके केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाए। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में भी जिला मुख्यालय पर सीटू और किसान सभा में ने प्रदर्शन किया और सरकार के विरोध में रैली निकाली गई।

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