फिल्म सिटी को लेकर यूपी और महाराष्ट्र सरकार आमने सामने
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राज्य में फिल्म सिटी को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुंबई दौरे पर हैं
सीएम योगी अक्षय कुमारए जॉन अब्राहम समेत कई दिग्गजों से कर चुके हैं बातचीत

मूल रूप से बिहार निवासी और बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपनी दमदार एक्टिंग के दम पर अलग पहचान बना चुके सुशांत सिंह राजपूत की मौत की खबर जैसे ही सामने आई तो बॉलीवुड इंटस्ट्री में सन्नाटा छा गया। उनकी मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई ये अभी भी राज़ बना हुआ है।

14 जून 2020 को उन्होंने कथित तौर पर फंदा लगा लिया था। जिसके बाद कंगना रनौत फिल्म इंडस्ट्री किसी घायल शेरनी की तरह पीछे पड़ गईं। उन्होंने बॉलीवुड में कथित रूप से पनप रहे खान गैंग का सच मीडिया के सामने लाया।

कंगना के ये तीखे तेवर यहीं पर खत्म नहीं हुए। उन्होंने बॉलीवुड में ड्रग्स गैंग का काला सच भी मीडिया के सामने शीशे की तरह साफ कर दिया। इसके बाद तो एक एक करके बॉम्बे फिल्म इंडस्ट्री पर आरोपों की जैसे झड़ी लग गई। किसी ने इस फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर फिल्म निर्माताओं पर शारीरिक शोषण जैसे आरोप लगाए तो वहीं दूसरी ओर कुछ ने बॉम्बे फिल्म इंडस्ट्री पर भेदभाव का आरोप जड़ दिया। हालांकि इन आरोपों में छिपी सच्चाई के पन्ने धीरे धीरे खुलने शुरू हो गए हैं। लगातार मुम्बई की इस इंडस्ट्री को आरोपों के चक्रव्यूह में घिरते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से देखा न गया।

योगी ने उत्तर प्रदेश के फिल्म सिटी बनाए जाने की बात कह दी। अब यही मुद्दा योगी सरकार और महाराष्ट्र सरकार के बीच दुश्मनी का एक बहुत बड़ा एंगल बन गया है। इस मुद्दे को लेकर दोनों सरकारें एक दूसरे को आंखें दिखा रही हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यू पी में फिल्म सिटी खोलने को लेकर काफी सीरियस दिख रहे हैं। यही कारण है कि पिछले दो तीन दिनों से वे मुम्बई में ही हैं। योगी बड़े फिल्म निर्माताओं, फिल्म स्टार्स के साथ मीटिंग कर इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की कोशिश में लगे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर शिववेना ने योगी को अपनी दहाड़ से डराने की कोशिश कर रही है। शिवसेना ने योगी को खुल्ला चैलेंज दिया है कि अगर दम है तो बॉलीवुड इंडस्ट्री को मुम्बई से बाहर ले जाकर दिखाएं।

आपको बता दें कि मशहूर कॉमेडियन गजोधर भईया ने भी इस मामले में टिप्पणी की है। राजू को उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। उन्होंने इस मामले में कहा है कि उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी को एस्टेब्लिश करने में 5 हजार करोड़ रफ़पये की लागत आएगी। राजू श्रीवास्तव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अब ऐसा समय आ रहा है कि जिसके पास सबसे ज्यादा और बेहतर सुविधाएं होंगी पलड़ा उसी का भारी माना जाएगा। मार्किट में वही टिक भी पाएगा। उन्होंने कहा कि अब फिल्म निर्माताओं के बात एक चॉइस होगी कि वो उत्तर प्रदेश की फिल्म सिटी को प्रेफरेंस दें या फिर बॉम्बे फिल्म इंडस्ट्री के लिए काम करते रहें। राजू का कहना है कि फिल्म सिटी पार्टनरशिप में भी बनाई जाएगी। इसके लिए सरकार जमीन मुहैया कराएगी।

अपने गजोधर भईया का अंदाज़ तो निराला है ही। जब उनसे एक इंटरव्यू में इस बारे में पूछा गया कि क्या इससे मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री को कोई नुक्सान पहुंचेगा तो उन्होंने कहा हमारा ऐसा कोई मकसब नहीं है। उन्होंने अपने अलग अंदाज़ में कहा कि फिल्म इंडस्ट्री कोई खूंटा नहीं है जिसे हम एक जगह से उखाड़कर कहीं और गाड़ सकते हैं। राजू श्रीवास्तव का मानना है कि किसी भी राज्य को ये संवैधानिक हक है कि वह अपने क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा दें।

यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद हैदराबाद स्थित रामोजी फिल्म सिटी से भी बड़ी और बेहतर जगह तैयार करना है जहां सभी कलाकारों को एक ही जगह हर प्रकार की सुविधाएं मिल जाएं। अगर बात की जाए बॉलीवुड के इस मामले में साथ की तो आपको बताते चलें कि लखनऊ में जॉन इब्राहिम और भूषण कुमार ने सबसे पहले योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी।

मंगलवार की रात अक्षय कुमार ने भी योगी से मिलकर उन्हें इस बारे में गाइड किया। इसके अलावा बुधवार को सुभाष घई, बोनी कपूर और अनिल वर्मा ने भी योगी को ऑफर दिया कि उत्तर प्रदेश में बेस्ट फिल्म सिटी बनी तो वहां शूटिंग करने जरूर जाएंगे।

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