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दोस्तों आज जो हम आपको बताने जा रहे हैं वो है बहुत खास। 

फ्रेंड्स आपको हम बताने जा रहे हैं कि आप किसी भी मोबाइल नंबर को किसी भी कंपनी में कैसे पोर्ट करा सकते हैं और इसके लिए आपको किस किस प्रोसेस से गुजरना पड़ता है। 

दोस्तों,फोन एक ऐसी important चीज़ हो गई है आज के time में कि क्या कहें। पहले मोबाइल गलती से भी जमीन पर गिर जाए तो केवल शीशे में स्क्रेच लग जाता था या फिर battery बाहर निकल सकती थी। लेकिन आजकल तो बाबा रे बाबा, मोबाइल गिरते ही सभी का जैसे कलेजा ही बाहर आ जाता है। 

मोबाइल में से अगर सिम निकाल दी जाए तोक्या वो काम का रहेगा? नहीं ना। मोबाइल को काम करने के लिए उसमें sim card का होना बहुत जरूरी है। जब भी आप सिम कार्ड लेने के लिए बाहर जाते हैं तो आपको बहुत सारी Telecom companies market में मिल जाती हैं। जो अपने ग्राहकों को लुभाने के लिए कोई न कोई ऑफर निकालती रहती हैं। 

किसी नेटवर्क में आपको अच्छा इंटरनेट मिलता है तो किसी में कॉलिंग करने के लिए अच्छी schemes होती हैं। कुछ कंपनियां romeeng free कर देती हैं तो कुछ नेटवकर्स में फ्री इंटरनेट और कॉलिंग मिलती है। 

इन सभी में से हम उसको चुनते हैं जो हमें हमारी जरूरत के हिसाब से बेहतर सुविधा देने के साथ अच्छे डाटा और कॉलिंग plan देती हैं। कहते हैं न हाथी के दांत दिखाने के और,खाने के और होते हैं। कुछ कंपनियों के सस्ते प्लान देख कर हम उनके झांसेमें तो आ जाते हैं लेकिन प्रॉबलम तो तब आती है जब हम उस सिम को अपने कंफर्ट लेवल पर टेस्ट करते हैं। कभी तो हमारा network सही से कैच नहीं करता और हम दूसरों से कॉल पर बात नहीं कर पाते हैं तो कभी हमारा internet नहीं चल पाता उसमें।

या अगर चलता भी है तो बहुत slow। अब अगर हमें ऐसी probleam फेस करनी पड़े तो गुस्सा आना तो लाज़मी है। यही कारण है कि आजकल Telecom Industry ने पोर्टेबिलिटी की सुविधा दी है। अब आप में से कई लोग ये सोच रहे होंगे किपोर्टेबिलिटी आखिर है क्या? पोर्टेबिलिटी का मतबल ई है जनाब कि आप अपना नम्बर किसी दूसरी कम्पनी के नंबर में बदल सकते हैं। आपका जो सिम है उसका नम्बर तो वही रहेगा जो आपने सबको अपने दोस्तों, रिश्तेदारों को दिया है लेकिन बस उसकी company change हो जाएगी। पोर्टेबिलिटी की सुविधा से हम बिना अपना नंबर बदले दूसरी और अच्छी कम्पनी के plan ले सकते हैं और अपनी life को बना सकते हैं smooth running life।

Number Porting या MNP क्या होता है

जब हमे अपने number पर telecom company की अच्छी servies न मिलने के कारण या फिर किसी दूसरी company में अच्छे offer होने के कारण हम किसी दूसरे network में जाना चाहते है और साथ ही बिना अपने mobile number को बदले ही तो इस process को number porting या MNP यानी mobile number Portability कहते है। हर रोज़ कोई नया number लेना और अपने दोस्तों को देने काफ़ी मुश्किल होता है इसलिए टेलीकॉम मंत्रालय(Telecom Ministry) ने MNP यानी mobile number Portability को शुरू किया। ताकि आप बिना अपने personal number को बदले किसी दूसरी telecom company में जा सके।

आइए अब जानते हैं मोबाइन नंबर पोर्ट करने का तरीका क्या है? सबसे आसान तरीका। जो आपको मिलेगा सिफ्र यहीं, और कहीं नहीं। ओके जी। 

दोस्तों इसके लिए आपको कुछ स्टेप्स follow करने पड़ेंगे। सबसे पहले आपको एक message करना होता है। उसके लिए अपने मोबाइल के मेसेज बॉक्स में जाएं और न्यू मेसेज क्रिएट करें। दूसरा, इसके बाद आपको बड़े अक्षरों यानि की capital letters में लिखना होगा port। उसके बाद space दें। फिर अपना mobile number लिखें। 

अब दोस्तों आपको इस मेसेज को send कर देना है 1900 पर। अब जानिए तीसरा स्टेप।

जैसे ही आप ये मेसेज भेजते हैं तो उसके कुछ देर बाद 1901 से आपके पास एक मेसेज आता है। जिसमें आपको एक code मिलता है जिसे कहते हैं UPC कोड जिसकी validity 15 दिन की होती है। इसका मतलब ये है फ्रेंड्स कि आप 15 दिनों के अंदर कभी भी मोबाइल नम्बर पोर्ट करा सकते हैं जिसमें आपको यूपीसी कोड की जरूरत पड़ेगी। 

अब ये आप पर depend करता है फ्रेंड्स कि आप कि आपको किस कंपनी में नम्बर पोर्ट कराना है। जैसे अगर आपको airter, jio या किसी भी company में port करवाना है तो उस कंपनी के नजदीकी ऑफिस में जाइए और अपने जरूरी डॉक्यूमेंट्स जैसे कि आधार कार्ड, फोटो, यूपीसी कोड की फोटोकॉपी उन्हें देकर नम्बर पोर्ट का प्रोसेस आगे बढ़ा सकते हैं। 

अगला स्टेप ये है दोस्तों कि आपको एक न्यू सिम दिया जाएगा। जोकि आपका वही नम्बर होगा जिससे आपने नम्बर port का massage भेजा था। जो आपका orignal number है। अब आपके mobile पर एक मेसेज आएगा जिसमें लिखा होगा कि नम्बर पोर्ट होने में सात से दस दिन लग जाएंगे। 

अब लास्ट स्टेप की बारी। वैसे नम्बर पोर्ट होने में normally सिक्स टू सेवेन डेज़ ही लगते हैं। जैसे ही वो पोर्ट हुआ कि आपका पहले वाला सिम काम करना बंद कर देगा। फिर आप उस Sim को अपने फोन में डालें जो आपको उस company से नया सिम मिला है जिसमें आपने नम्बर पोर्ट कराया है। अब आपका नम्बर पोर्ट हो चुका है।

Number port करने से पहले ध्यान रखे : (Prevention before portability)

1. किसी दूसरी telecom company में अपना number port करने से पहले ये जरूर जान ले क्या उस network द्वारा वह servies दी जाती है जो आपको चाहिये।

2. एक बार अगर आप अपना number port करा लेते है। तो कम से कम 3 महीनों तक आपको उसी company में रहना पड़ता है। और 3 महीने होने के बाद ही दुबारा से किसी दूसरी compnay में अपना number port कर सकते है।

3. अगर आप prepaid customer है तो number port करना आपके लिए बहुत सरल है। परंतु अगर आप postpaid customer है तो आपको थोड़ी परेशानी होती है।

4. Number porting होने से पहले अपने number का बैलेंस यूज़ करना होता है। क्योंकि दूसरे network में क्या पता आपको आपका balence न मिले।

5. जब आप number port करने के लिए message करते है तो आपको उसी network की तरफ़ से call आती है जिसमे आपको बहुत अच्छे offer दिए जाते है। अगर आप चाहो तो कोई अच्छा offer लेकर अपने number की porting प्रकिया को रोक सकते है।

6. कई telecom company number porting के लिए कुछ charge लेते है जबकि कई कंपनियां या servies free में देती है।

तो इस तरह से आप अपना number port कर सकते है।

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