चाणक्य की वशीकरण नीति - Haryana Media चाणक्य की वशीकरण नीति
Ad


होर जी। क्या हाल चाल। तुमने पुकारा और हम चले आए। हम्म्म्म्म्। आप याद कर रहे थे हमें। तभी हम कहें आज सुबह से हमें हिचकी क्यों आ रही है। लो जी हम हो गए हाजिर आपके बीच आपको आचार्य चाणक्य की मैजिकल पॉलीसीज़ के बारे में बताने के लिए। चाणक्य को तो आप जानते ही होंगे। अरे वही। जिनकी भेजे में हर सेकेंड उछल कूद करती थीं सैकड़ों पॉलिसीज़। दोस्तों ये नीतियां ही तो थीं जो आचार्य चाणक्य के दिमाग में केमिकल लोचा करती थीं।

क्या गजब की स्ट्रेटिजी थी चाणक्य जी की। हैट््स ऑफ टू हिम यार। ऑसम। उनके पास एक ऐसी टेकनीक थी दोस्तों कि जिसके इस्तेमाल से चाणक्य किसी को भी अपने वश में करने में देर नहीं लगाते थे। इसी नीति ने उन्हें एक महान, विद्वान और धनवान बना दिया। अब आप सोच रहे होंगे कि काश हमारे भेजे में भी ऐसे धासू आईडियाज़ कैमिकल लोचा करते तो आज हम भी दुनिया में सबसे हट के होते। तो चलिए आपको भी उस आइडिया के बारे में बता देते हैं हम।

अरे अरे रफ़किए जनाब। कहां चल दिए आप। दिल थाम के बैठ जाइए और हमारी वीडियो और बातों पर ध्यान लगाइए। आइडिया आपको तभी मिलेगा जब आप हमारी वीडियो को लास्ट तक वॉच करेंगे। करिए प्रॉमिस। ये हुई न बात। आप भी कहेंगे कि हम कितना पकाते हैं आपको। हा हा हा। हम तो भई जैसे हैं, वैसे रहेंगे। (गाना)। चलिए शुरू करते हैं।

तो दोस्तों आचार्य चाणक्य इतने इंटेलिजेंट थे कि वो किसी से भी अपनी बात को तुरंत मनवा लिया करते थे और उसको पता भी नहीं चलता था कि कब वो व्यक्ति उनके वश में आ जाता था। चाणक्य की ये नीति आप समझ लेंगे तो हमें थैंक यू कहेंगे। क्यों सही कहा ना? इस नीति को समझ कर आप भी किसी को भी अपने वश में यूं चुटकियां बजाकर कर सकते हैं जी। अपनी बात लोगों से मनवा सकते हैं। आचार्य चाणक्य कहते हैं -ः
लुब्धमर्थेन गृहणीयात् स्तब्धमंजलिकर्मणा।
मूर्खं छन्दानुवृत्त्या च यथार्थत्वेन पण्डितम्।।

चक्कर खा गए न। ये श्लोक आपके ऊपर से गया होगा लिख कर ले लो स्टैम्प पेपर में। लेकिन हम बैठे हैं न आपको हर बात फुल्टू डीटेल में समझाएंगे जो इसमें लिखा हैै। सुनिए। आचार्य चाणक्य ने बताया है कि हमारे आस-पास कई तरह के लोग होते हैं। कोई मूर्ख हैं तो कोई बुद्धीमान हैं। कोई व्यक्ति मनी भाई के पीछे लट्टू है तो कोई सॉलिड घमंडी टाइप का बंदा है। ऐसे लोगों को अपने वश में करने का चाणक्य ने एक मैजिकल फॉर्मुला बताया है जनाब।

चाणक्य का कहना है कि किसी भी लालची व्यक्ति को हरी हरी नोटों की गड्डी दिखाओ और वो आपके वश में हो जाएगा। आपका कहना मानने लगेगा। इसके अलावा दोस्तों अगर आप किसी ज्ञानी व्यक्ति यानि की बहुत ही इंटैलिजेंट और जेंटलमैन से आप टकरा जाएं तो उसे वश में करने का फॉर्मूला थोड़ा डिफरेंट है।

चाणक्य के दिमाग की पोटली को जब हमने स्कैन किया तो पाया कि उनका मानना है कि ऐसे इंटेलिजेंट परसन को अपने काबू में करने के लिए एक ही रास्ता है और वो है कि आप उसके सामने केवल सच बोलें। चाणक्य के अनुसार ऐसे लोग केवल सच बोलने वाले के वश में हो जाते हैं और वो भी बिना नून मिर्च लगाए। हा हा। मतलब की बहुत आसानी से। एक बात बताऊं। किसी को बताओगे तो नहीं। तो सुनिए।

अगर किसी मूर्ख यानी बुद्धू व्यक्ति को आपको अपने वश में करना है तो भई आपको उसे चने के झाड़ पर चढ़ाना होगा। वो जैसा जैसा कहता जाए आप वैसा ही करो और फिर देखो वो आपके इशारों पर नाचने लगेगा। लेकिन ध्यान रहे। अगर वो मूर्ख व्यक्ति आपको कुएं में कूदने को कहे तो कूद मत जाना।

अपने भी दिमाग के घोड़े दौड़ाना। कहते हैं न। बेस्ट फॉर द रेस्ट। तो चलिए अब आपको लास्ट, बिल्कुल लास्ट टिप बताते हैं। जो लोग घमंडी होते हैं, अभिमानी हैं उन्हें बोटल में उतारने का एक ही तरीका है जी। आप बस उन्हें मान सम्मान दें। उनकी जी हुजूरी करें। फिर देखो आपके वश में कैसे हो जाते हैं लोग। चलिए आप भी इन पॉलिसीज़ का एक्सपेरिमेंट करें और हम भी चले इन आइडियाज़़्ा का टेस्ट करने। तब तक के लिए टाटा। बाय बाय।

Ad

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here