Haryana Media
Ad


ऑनलाइन कार्यक्रमों पर रहेगा फोकस

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता जयांती महोत्सव का सभी को बेसब्री से इंतजार रहता है। मगर इस बार कोई और भी है जो इस महोत्सव का इंतजार कर रहा था मगर उसका सपना पूरा न हो सका। जी हां। हम बात कर रहे हैं कोरोना वायरस की। ये वो नाम है जिसे सुनते ही बड़े-बड़ों के पसीने छूट जाते हैं।

कोरोना का असर हर क्षेत्र पर देखने को मिला है। तो अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव इससे कैसे अछूता रहता। प्रशासन के सभी आला अधिकारियों ने मिलकर इस बार गीता जयंती महोत्सव में मेला न लगाने का फैसला किया है। इस फैसले से व्यापारियों में मायूसी है। इस बार प्रशासन ने गीता जयंती महोत्सव में पूरा फोकस ऑनलाइन कार्यक्रमों पर रखा है।

देशभर के स्कूलों के 55 हजार विद्यार्थी 25 दिसम्बर को दोपहर 12 बजे सामूहिक गीता श्लोक का पाठ करेंगे, जिसमें 21 जिलों के चयनित 50-50 स्कूलों के विद्यार्थी और कुरुक्षेत्र के 9 हजार विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। बच्चों के अभ्यास के लिए उन्हें गीता श्लोक का पाठ ऑनलाइन के माध्यम से भेजा जाएगा। इसके साथ ही इस बार स्कूलों के बच्चों की प्रतियोगिताएं भी 17 से 25 दिसम्बर तक ऑनलाइन होनी तय की गई हैं जिसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से कुरुक्षेत्र के जिला शिक्षा अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

11 से 19 दिसंबर तक होंगी जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं
इस बार गीता जयंती महोत्सव में 11 से 19 दिसम्बर तक ऑनलाइन जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं होंगी। ये सभी प्रतियोगिताएं शिक्षा विभाग की ओर से करवाई जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं में निबंध लेखन, गीता श्लोकोच्चारण, भाषण, संवाद और पेंटिंग शामिल हैं। इसके बाद 20 व 21 दिसम्बर को राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं होंगी। वहीं, 22 और 23 दिसम्बर को राज्य स्तरीय प्रविष्टियों का मूल्यांकन किया जाएगा। निबंध लेखन और पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रहने वाले प्रतिभागी की स्कैन पीडीएफ कॉपी खंड स्तर पर, खंड स्तर पर विजेता की जिला स्तर पर और जिला स्तर के विजेता की कॉपी राज्य स्तर पर देनी होगी।

निबंध लेखन के विषय
निबंध लेखन प्रतियोगिता के विषय मैंने गीता से क्या सीखाए गीता ने मेरे जीवन को कैसे बदला और महामारी काल में गीता और जीवन निर्धारित किए गए हैं।

इसके साथ ही गीता के श्लोकों के उच्चारण की प्रतियोगिता भी होगी। भाषण प्रतियोगिता का विषय गीता पर आधारित होगा। वहीं, संवाद प्रतियोगिता में भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच के संवाद और संजय व धृतराष्ट्र के बीच के संवादों की प्रतिभागी प्रस्तुति दे सकते हैं।

खंड स्तर पर निर्णायक मंडल में खंड शिक्षा अधिकारी अपनी अध्यक्षता में कमेटी का गठन करेंगे। वहीं, जिला स्तरीय निर्णायक मंडल में जिला शिक्षा अधिकारी अध्यक्ष, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी या डाइट प्राचार्य सचिवए हिंदी, संस्कृत व अंग्रेजी के तीन भाषा विशेषज्ञ राजकीय स्कूलों से और तीन भाषा विशेषज्ञ प्राइवेट स्कूलों से होंगे।

ये मिलेंगे पुरस्कार:
जिला व राज्य स्तर पर मिलेंगे पुरस्कार : जिला स्तर पर विजेता रहने वाले प्रतिभागियों को पहला पुरस्कार 2100, दूसरा पुरस्कार 1500, तीसरा पुरस्कार एक हजार और प्रत्येक श्रेणी में तीन सांत्वना पुरस्कार के रूप में 500-500 रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं राज्य स्तर पर पहला पुरस्कार 5100 रुपए दूसरा पुरस्कार 3100 रुपए, तीसरा पुरस्कार 2100 रुपए और प्रत्येक श्रेणी में एक-एक हजार रुपए के तीन सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे।

Ad

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here