Haryana Media
Ad


पूछा- केयू को कब तक रिलीज होंगे 1700 पेंशनर्स के 19 माह के एरियर के 15 करोड़

पेंशनर्स ने सातवें वेतन आयोग का एरियर पाने के लिए हाईकोर्ट से लगाई है गुहार

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (Kurukshetra University) के 1700 पेंशनर्स के तीन सालों से अटके 15 करोड़ रुपए के एरियर को लेकर हाईकोर्ट ने सरकारी वकील के माध्यम से सरकार से पूछा है कि केयू को एरियर के पैसे कब तक जारी किए जाएंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 25 जनवरी 2021 को होगी। गौरतलब है कि केयू के पेंशनर्स ने तीन सालों से 19 महीनों के रुके 7वें वेतन आयोग के एरियर के पैसे पाने के लिए हाईकोर्ट (High Court) में याचिका दायर की थी।

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 19 अक्टूबर 2020 को केयू प्रशासन की ओर से प्रदेश सरकार से एरियर का पैसा देने के लिए मांगी 15 करोड़ की ग्रांट पर जवाब मांगा है। इससे पहले भी इस मामले को लेकर पेंशनर्स हाईकोर्ट में गए थे। हाईकोर्ट की ओर से इस मामले में केयू प्रशासन से लिखित में जवाब देने को कहा गया था।

केयू प्रशासन की ओर से इस मामले में 19 अक्टूबर (October) 2020 को हाईकोर्ट में जवाब दिया गया था कि केयू के पेंशन फंड में 30 लाख रुपए हैं। प्रदेश सरकार से 15 करोड़ का बजट ऐसे में केयू प्रशासन ने फंड न होने का हवाला देते हुए एरियर के पैसे देने में असमर्थता जताई थी। एक जनवरी 2016 से एक सितंबर 2017 तक का एरियर यूनिवर्सिटी पर बकाया हो गया।

एरियर के पैसे की मांग को लेकर गए हाईकोर्ट

केयू के सेवानिवृत्त असिस्टेंट रजिस्ट्रार  ने बताया कि सभी पेंशनर्स की ओर से एरियर की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने अब सरकारी वकील से केयू प्रशासन की ओर से एरियर के लिए मांगी ग्रांट कब तक जारी की जाएगी, इस बारे में सरकार से पूछा है। केयू प्रशासन की ओर से लगातार बजट की कमी का हवाला देते हुए पेंशनर्स का एरियर रोका जा रहा है। यह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स ने केयू प्रशासन का तीन सालों तक इंतजार किया है लेकिन केयू प्रशासन की ओर से एरियर नहीं दिया जा रहा जिसके चलते हाईकोर्ट जाना पड़ा।

केयू प्रशासन करे बजट का इंतजाम

केयू पेंशनर्स ने कहा कि फंड का इंतजार सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नहीं बल्कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन को करना है इसलिए केयू प्रशासन को समय रहते इस दिशा में काम करना चाहिए था। एरियर तीन साल से रुका हुआ है। ऐसे में यह दिखाता है कि केयू प्रशासन की ओर से पेंशनर्स को एरियर का पैसा देने को लेकर कितनी गंभीरता बरती गई है।

Ad

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here