Haryana Media
Ad


कर्ण लेक का बदलेगा स्वरूप, अब साल भर रहेगा पानीए 1.26 कि.मी. क्षेत्र को विकसित कर बनेगा टूरिस्ट स्पॉट, प्रोजेक्ट फाइनल
सीएम सिटी के नाम से जाने जाने वाले करनाल शहर के मशहूर पर्यटन स्थल कर्ण लेक बस कुछ ही महीनों में नए लुक में नजर आने वाला है। ये वही स्थान है जहां दूर दराज से लोग घूमने आते हैं। इस प्लेस को अब पिकनिक स्पॉट के रूप में तैयार किया जाएगा।

आपको बता दें कि  इसकी 1.26 किमी क्षेत्र की परिधि को विकसित कर और भी ज्यादा अट्रैक्टिव बनाए जाने का प्लान है।  इसमें सालभर पानी रहेगा। यहां फूड कोर्ट व कैफे की सुविधा रहेगी जो आपके खुशियों के पलों को और भी ज्यादा मजेदार बनाएगी। महाभारत के दृश्यों वाली मूर्तियां दर्शकों को इतिहास से साक्षात्कार कराएंगी।

कर्ण लेक के मौजूदा इनफ्रॉस्ट्रक्चर को आधुनिक ढंग से डेवलप करके पर्यटकों के अनुकूल बनाया जाएगा। स्मार्ट सिटी की ओर से एक मास्टर प्लान तैयार किया गया है। रविवार को लेक पर पर्यटन विभाग के निदेशक व करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ एवं डीसी निशांत कुमार यादव की खासवार्ता के बाद प्लान को सिद्धांत रूप में स्वीकृति मिल गई है।

डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि अब इसके बाद केएससीएल का एक प्रपोजल लेटर एनओसी के लिए पर्यटन विभाग को भेजा जाएगा। एनओसी प्राप्त होते ही इस प्रोजेक्ट की डीपीआर यानी डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनेगी और फिर इसे धरातल पर लेकर मूर्त रूप दिया जाएगा।
मास्टर प्लान को लेकर स्मार्ट सिटी टीम की लैंड स्कैपर पूर्णिमा की ओर से प्रेजेंटेशन दी गई।

इसमें प्रेजेंटशन में दिखाया गया कि कर्ण लेक की 1.26 किमी परिधि को डिवलेप किया जाएगा। हाईवे पर स्थित झिलमिल ढाबे से लेकर लेक तक जाने वाले रास्ते को पर्यटकों व आगंतुकों के आने के योग्य बनाकर इसे अच्छे से तैयार किया जाएगा।

कर्ण लेक पर ये सुविधाएं बनेगी आकर्षण का जरिया
प्रेजेंटेशन के अनुसार कर्ण लेकर को नए लुक में लाने के लिए नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। इनमें साइनेजए पाथ-वे, लाइटिंग व साइकिल ट्रैक बनाया जाएगा। झील में वर्षभर पानी मौजूद रहे इसके लिए दो नलकूप लगेंगेए फूड कोर्ट और कैफे बनाए जाएंगे। मौजूदा रेस्टोरेंट के साथ भी कनेक्टिविटी भी रहेगी।

पर्यटकों की स्मृतियों में बसेगा टापू का दृश्य
कर्ण झील के अंदर मौजूद एक आईलैंड यानि टापू को डवलप कर वहां स्कल्पचर वॉक बनाएंगे, जिसमें महाभारत जैसे थीम पर मूर्तियां लगाई जाएंगी जो अपने इतिहास की कहानी स्वयं बखान करेंगी। झील के अदंर ही संगीतमयी फुव्वारा लगेगा।

सौंदर्य के साथ सहूलियतरू लेक पर आकर्षण बढ़ाने के साथ ही मिलेगी बैंक्वेट हाल की सुविधा
पर्यटन निदेशक ने बताया कि लेक के साथ विभाग की 10 एकड़ जमीन मौजूद है। जिसमें बैंक्वेट हॉल बनाया जाना है। इस पर केएससीएल के सीईओ निशांत कुमार यादव ने कहा कि जमीन विभाग की ही रहेगी, लेकिन स्मार्ट सिटी इस पर अशोक स्तंभ जैसी चीजें बनाकर कुछ नया कर सकती है।

इसके लिए उन्होंने निदेशक को कई ऑप्शन बताए और कहा कि जो कुछ भी करेंगे उसमें बेशक स्मार्ट सिटी का निवेश होगा। उन्होंने कहा कि डिवलप के कार्यों के लिए जिस कंपनी को ठेका देंगे, उसी में रखरखाव की जिम्मेदारी भी रहेगी। मौजूदा इंफ्रॉस्ट्रक्चर को अपग्रेड करके इसका आकर्षण बढ़ाया जाएगा।

Ad

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here